जगत में अनुकूलताओं की लालसा देवताओं ही नहीं बल्कि दानवों के भी कदमों में नाक रगड़वाती है। Leave a Comment / Uncategorized / didimaa Facebook Twitter Youtube जगत में अनुकूलताओं की लालसा देवताओं ही नहीं बल्कि दानवों के भी कदमों में नाक रगड़वाती है। Read More »
तृष्णा की रेत में जीवन नैया नहीं चला करती। Leave a Comment / Uncategorized / didimaa Facebook Twitter Youtube तृष्णा की रेत में जीवन नैया नहीं चला करती। Read More »
आप सभी को गुरु पूर्णिमा हार्दिक शुभकामनाए || Leave a Comment / Uncategorized / didimaa Facebook Twitter Youtube आप सभी को गुरु पूर्णिमा हार्दिक शुभकामनाए || Read More »
हम चाहे जितने विद्वान हो जाएं, सदा अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए। हमारी विद्वता निश्चित ही उनके अनुभवों के समक्ष कम है, यह मन से मान लेना हमारे चरित्र को विनम्रता की ऊँचाईयों पर ले जाता है। Leave a Comment / Uncategorized / didimaa Facebook Twitter Youtube हम चाहे जितने विद्वान हो जाएं, सदा अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए। हमारी विद्वता निश्चित ही उनके अनुभवों के समक्ष कम है, यह मन से मान लेना हमारे चरित्र को विनम्रता की ऊँचाईयों पर ले जाता है। Read More »
जीवन का अंतिम क्षण भी यदि बच्चों के समान अचरज से भरा हुआ, बाल सुलभ किलकारियाँ भर रहा हो तो समझिए कि आप जीते जी मुक्त हो गए। Leave a Comment / Uncategorized / didimaa Facebook Twitter Youtube जीवन का अंतिम क्षण भी यदि बच्चों के समान अचरज से भरा हुआ, बाल सुलभ किलकारियाँ भर रहा हो तो समझिए कि आप जीते जी मुक्त हो गए। Read More »
जिस व्यवहार की अपेक्षा हम औरों से करते हैं, वो हमारे स्वयं के जीवन में औरों को दिखना चाहिए। Leave a Comment / Uncategorized / didimaa Facebook Twitter Youtube जिस व्यवहार की अपेक्षा हम औरों से करते हैं, वो हमारे स्वयं के जीवन में औरों को दिखना चाहिए। Read More »
गुरुपूर्णिमा महोत्सव 2021 Leave a Comment / Upcoming Events / didimaa Facebook Twitter Youtube गुरुपूर्णिमा महोत्सव 2021 Read More »
बाल मनोविज्ञान की सही समझ प्राप्त करके ही अभिवावक अपने बच्चों को उचित शिक्षा और संस्कार दे सकते हैं। Leave a Comment / Uncategorized / didimaa Facebook Twitter Youtube बाल मनोविज्ञान की सही समझ प्राप्त करके ही अभिवावक अपने बच्चों को उचित शिक्षा और संस्कार दे सकते हैं। Read More »
जैसे एक नदी मार्ग की बाधाओं से टकरा कर और भी वेगवती होती जाती है, वैसे ही हमें भी जीवन संघर्षों से जूझ कर और अधिक मजबूती से जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। Leave a Comment / Uncategorized / didimaa Facebook Twitter Youtube जैसे एक नदी मार्ग की बाधाओं से टकरा कर और भी वेगवती होती जाती है, वैसे ही हमें भी जीवन संघर्षों से जूझ कर और अधिक मजबूती से जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। Read More »
नित्य सम्बन्ध उनसे हो सकता है, जो कभी हमसे अलग न हों और ऐसा कोई एक है जरूर परन्तु वो जगत के समान उत्पत्ति या विनाश युक्त नहीं है। वो अन उत्पन्न अविनाशी है, उसी से अपना नित्य सम्बन्ध है। Leave a Comment / Uncategorized / didimaa Facebook Twitter Youtube नित्य सम्बन्ध उनसे हो सकता है, जो कभी हमसे अलग न हों और ऐसा कोई एक है जरूर परन्तु वो जगत के समान उत्पत्ति या विनाश युक्त नहीं है। वो अन उत्पन्न अविनाशी है, उसी से अपना नित्य सम्बन्ध है। Read More »